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विवाहित जीवन की पहली सीढ़ी सैक्स शिक्षा । sexologistvpsing

August 22, 2018

 


भारतीयों और विदेशीयों की सोच में सबसे बड़ा अंतर यही है कि विदेशी शिक्षा से समस्या का समाधान करते है और हम अनपढ़ता से समस्याओं को बढ़ावा देते है। जिस विषय को सोच-सोच कर डर-डर कर जिंदगी गुजारते है वहीं विदेशी शिक्षा से ही उसे मामूली बना देते है,क्योंकि शिक्षा ही सभी समस्याओं का हल है।

पति-पत्नी हर काम में बेझिझक एक दूसरे की प्रशंसा करें तो जीवन का आनंद कई गुणा बढ़ जाता है। जिस काम को बुद्घिमता से करने की जरूरत होती है वो काम नहीं करते और मूर्खो वाली हरकते करके मूर्ख बनते है। सैक्स के बारे भ्रम निकाल कर सुखमय जीवन जिया जा सकता है लेकिन बेवजह डर-डर कर सामान्य और कुदरती काम को भयंकर बना लिया जाता है। बच्चे इतना भी नहीं सोचते कि शादी करने से कोई समस्या आती तो माता पिता अपने बच्चो की शादी क्यों करते। माता-पिता लड़का-लड़की की शादी इसलिए करते है कि पति-पत्नी अपनी  जीवन का आनंद ले सके, बच्चा पैदा करके अपना वंश बढ़ा सके। संभोग का मतलब है दोनो को बराबर का आनंद और इससे बढ़ा आनंद इस संसार में नहीं। यह सब तो ही मुमकिन है जब पति-पत्नी मानसिक और शारिरिक रूप से स्वस्थ हो। 

पीड़ायुक्त,बोझिल, गंदा जीवन कोई भी माता-पिता अपने बच्चों को नहीं देता। कई शायरो और बुद्घिजीवीयो ने इस बारे बहुत कुछ लिखा है। जन्म-जन्म का साथ है निभाने को, सौ-सौ बार मैने जन्म लिए, सात जन्म के वास्ते एक वादा प्यार का, जोड़ीया उपर आसमानों में। पति-पत्नी का रिश्ता प्रमात्मा की कृपा से किसी खास मकसद के लिए बनता है। पति को इस रिश्ते से अपने कुल का नाम रोशन करना होता है और पत्नी को इसी रिश्ते से मायके और ससुराल दोनो कुलो का नाम रोशन करना होता है। पति-पत्नी अपने खानदान का वंश बढ़ाते है। एक दूसरे के प्रति जिम्मेवारी का अहसास होता है। समाज के प्रति जिम्मेवारी का अहसास होता है। एक दूसरे के सुखःदुख का अहसास होता है। शादीशुदा व्यक्ति

को समाज में इज्जत की दृष्टि से देख जाता है। कोई भी धार्मिक अनुष्ठान पति-पत्नी के बगैर सफल नहीं होता। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी शादी को इसलिए महत्वपूर्ण माना गया है कि यौन संबध भी पति-पत्नी के ही होने चाहिए ताकि एडस जैसे भयंकर रोगो से बचा जा सके। सैक्स संबध बनाने से ही पति-पत्नी का आपसी प्यार बढ़ता है। संभोग करने के अगले दिन पति-पत्नी दोनो तनाव मुक्त और खुश रहते है,उस का राज यही है। पति चाहे घर से कितनी भी दूर हो, उसे ज्यों ही नौकरी से या व्यापार से जब भी फुर्सत मिलती है तो जल्दी से जल्दी घर पहुंचना चाहता है। घर उसे कहते है जंहा आदमी को प्यार मिलता है। पति को सुखद अहसास होता है कि घर पर कोई आपका इंतजार कर रहा है। शादी के बाद पति-पत्नी को एक दूसरे के दिल की धड़कन तक सुनाई देती है। शादी से पहले दोस्त, मित्र अच्छे लगते है और हमराज होते है और शादी के बाद पत्नी ही हमराज बन जाती है। जिंदगी एक दम बदल जाती है और सुखद क्षणो का अहसास होता है। शादी के बाद जीवन रूपी गाड़ी चलाने के लिए आदमी को मेहनत ज्यादा करनी पड़ती है। बच्चो के भविष्य के बारे सोच कर बचत करना,अपने आप से ज्यादा परिवार की बेहतरी बारे सोचना।

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dr.v.p.singh senior sexologist- Singh Clinic, Royal colony,Near satipur chauraha, Settelite Bus stand, pilibhit bypass road Bareilly-243005 (U.P) INDIA vpsingh309@gmail.com***098373 43729- 09370 57107

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